सोचता हूँ कि तुझपर कोई किताब लिखूँ मैं,तेरी ये क़ातिल अदा, तेरी हर बात लिखूँ मैं,
तेरे आँखों को मधुशाला, होंठो को शराब लिखूँ मैं,तेरे दीदार का हिसाब या तेरे बालों का खिज़ाब लिखूँ मैं,
तेरे बदन की खुशबु या खुद का खिंचाव लिखूँ मैं,आ तुझको किसी शेर का जवाब लिखूँ मैं, .....ओपिन्द....
nice lines
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