न पढ़ा हो ऐसा गीत कोई,
लिखो नया तुम गीत कोई,
शब्द शब्द खामोश रहें,
मतलब हो तूफ़ानी,
पढ़ने वाला पढता जाये,
भरे आँख में पानी,
सहज सरल हो पंक्ति सारी,
कहे अनसुनी कहानी,
सागर जैसी गहरी हों,
मौजों की हो रवानी,
शब्दों का न हो मोल कोई,
लिखो नया तुम गीत कोई...
..........ओपिन्द.........
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