मेरी तस्वीर को अक्सर नज़र से दूर करती है,
सुना है आज भी वो मेरे नाम की सिंदूर भरती है,
और रचा ली थी अगर उसने बड़े ही शौक से मेहँदी,
तो आखिर कौन सी बात है जो उसे मजबूर करती है..
..............ओपिन्द कुमार.....
सुना है आज भी वो मेरे नाम की सिंदूर भरती है,
और रचा ली थी अगर उसने बड़े ही शौक से मेहँदी,
तो आखिर कौन सी बात है जो उसे मजबूर करती है..
..............ओपिन्द कुमार.....