वो प्रेमपत्र जो लिखे थे मैंने..
देखकर तुझको ख्वाबों में...
मुश्किल कितना है मैं ही जानू..
रखना उन्हें किताबों में...
..........ओपिन्द.......
देखकर तुझको ख्वाबों में...
मुश्किल कितना है मैं ही जानू..
रखना उन्हें किताबों में...
..........ओपिन्द.......
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