मैं और मेरा प्यार..
मेरी बाँहों में आ जाओ,तुम्हें महसूस कर लूँ मैं,है जो फासला मुझसे तेरा,वो दूर कर लूँ मैं,
दिल भरता नहीं मेरा,तेरा दीदार करने से,तुझे जड़वा कर शीशे में,ख्वाहिश हैं पास रख लूँ मैं,
बन गए हो तुम ऐसी आदत,जिसे पाऊँ न तो तड़पूँ मैं,मरुथल सा हूँ मैं प्यासा,तुम्हें पीने को तड़पूँ मैं,
कोई कितना भी कुछ कर ले,पर ऐसा हो नही सकता,कि दिल में है जो जगह तेरी,किसी को और दे दूँ मैं,
बस इतनी सी इल्तिज़ा तुमसे,सदा मेरी ही रहना तुम,मुझसे दूर न होना,कहीं कुछ कर न बैठूं मैं,.......ओपिन्द...
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